संताली को बाजार की भाषा बनाना होगा, ओलिचिकी लिपि के लिए अभी और काम करना होगा: विलियम हांसदा

विलियम हांसदा: कॉमर्स के एक छात्र के संताली प्रकाशक व लेखक बनने का यात्रा अनुभव विलियम…

लुगू बुरू: एक पवित्र पहाड़, एक समृद्ध जंगल जिसे आदिवासियों ने बचाया

बोकारो जिले में स्थित लुगू बुरू आदिवासियों का एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां हर साल…

संताल आदिवासियों की अम्बावती परंपरा धरती की उर्वरता के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

इस साल वर्ष 2025 में 22 जून से संताल आदिवासियों की अम्बावती परंपरा शुरू हुई है।…

डॉ लुईस मरांडी से आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने रखी ओलचिकी और संताली माध्यम से पढाई की मांग

विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी ज्ञापन प्रेषित किया दुमका: झारखंड में केजी…

फोटो स्टोरी : ओलिचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर आदिवासी समुदाय ने उन्हें किया याद

दुमका: दुमका जिले के जामा प्रखंड के ऊपरबहाल गांव में ग्रामीणों ने संताली भाषा की ओलचिकी…

पंडित रघुनाथ मुर्मू: संतालों की भाषाई अस्मिता के सूत्रधार

संताली समाज के प्रति समर्पित थे पंडित रघुनाथ मुर्मू उन्होंने संताली भाषा के लिए ओलचिकी लिपि…

पंडित रघुनाथ मुर्मू के बारे में जानिए, जिनकी आज जयंती है

पंडित रघुनाथ मुर्मू का बचपन में नाम चुनू मुर्मू था। उन्होंने तकनीशीयन के रूप में शुरुआत…

पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती के मौके पर दो संताल युवाओं ने शुरू किया बच्चों के लिए ओलिचिकी का निःशुल्क ट्यूशन

ओलचिकी के साथ आदिवासी बच्चों को अन्य विषयों की भी शिक्षा दी जाती है, इसके साथ…

संताल अस्मिता के संरक्षण व नई पीढ़ी में चेतना जगाने के लिए अनूठी पहल

दुमका के एक गांव के लोगों ने हर सप्ताह संताल देवता की पूजा व सामूहिक प्रार्थना…

संताल आदिवासियों ने किया मोड़े मांझी का आयोजन, ओलिचिकी को व्यापक मान्यता के लिए अब सीएम से संवाद

संताल परगना के संताल आदिवासी पिछले कुछ महीनों से ओलचिकी व संताली को व्यापक मान्यता देने…