परगनैत राम सोरेन के 157वें जन्मोत्सव के मौके आदिवासी अधिकारों व चेतना पर जोर

परगनैत राम सोरेन आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के तहत 80 मौजा के परगना थे। उनके पुत्र डॉ…

ओलचिकी को मिले गौरव को लेकर मरांग बुरू की विशेष पूजा का आयोजन, राष्ट्रपति का जताया आभार

दुमका : संताली भाषा की लिपि ओलचिकी के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तथा…

ओलचिकी पर डाक टिकट व स्मारक सिक्के जारी होने से संताल समाज में खुशी

ओलचिकी लिपि का आविष्कार पंडित रघुनाथ मुर्मू ने वर्ष 1925 में किया था। यह संताली भाषा…

क्या बदल रहा है हिजला मेला, दुर्लभ कला चदर बदोनी को नहीं मिलेगा मंच?

लोगों में जागरूकता से संबंधित कई तरह के नुक्कड़ नाटक के आयोजन पर भी संकट दुमका:…

हिजला मेले में ओलचिकी लिपि का बोर्ड नदारद, मेहनताना को लेकर कला दल में नाराजगी

दुमका: झारखंड के दुमका जिले के हिजला गांव में लगने वाला राजकीय जनजातीय हिजला मेला 13…

बजट प्रावधानों से VB-GRAMG के तहत मात्र 52 दिन का रोजगार मिल सकेगा

नरेगा संघर्ष मोर्चा से सरकार के बजट भाषण, बजट दस्तावेज और मनरेगा के खर्च के ट्रेंड,…

हिजला मेला 2026 को लेकर बैठक में ओल-चिकी को व्यापक स्वीकार्यता देने व मूल परंपराओं के संरक्षण की मांग

ग्रामीणों ने बैठक में जिला प्रशासन सह हिजला मेला समिति के समक्ष रखी गई मांगों पर…

हिजला मेले में बैनर, पोस्टर व स्मारिका संताली भाषा व ओलचिकी लिपि में छपवाने की मांग

हिजला मेले का आयोजन फरवरी महीने में 13 से 20 तारीख के बीच होना है, इसकी…

परंपरा का पुनर्जीवन: बोआरीजोर गांव में 30 सालों बाद सोहराय पर हुआ खूंटव

खूंटव में बैल के सींगों में सिंदूर व तेल लगाया जाता है और उसे फूलों की…

आज सोहराय का दूसरा दिन, इस वजह से लोग घरों के दरवाजे पर टांगते हैं चटाई

परिवार व गोतिया के साथ गोडा पूजा करने की है परंपरा बोआरीजोर(गोड्डा): झारखंड के संताल परगना…