दशाँय पर्व की शुभकामना वाला सरकारी होर्डिंग नहीं लगाए जाने से संताल समाज ने जतायी नाराजगी, उठायी मांगअपने ही राज्य में उपेक्षा का अहसास, संताल समाज ने राज्य सरकार व जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की है
दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में संताल आदिवासियों के प्रमुख पर्व दशाँय के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नाम से शुभकामना संदेश का होर्डिंग नहीं लगाए जाने को लेकर संताल समाज में नाराजगी है। समाज के लोगों ने जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुमका की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मुख्यमंत्री की ओर से दशाँय पर्व की शुभकामनाओं का होर्डिंग जल्द लगाया जाए।
संताल समाज के लोगों का कहना है कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है और राज्य गठन के बाद से आदिवासी समाज की राज्य की राजनीति एवं शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। संताल परगना क्षेत्र से कई आदिवासी विधायक और सांसद चुने गए हैं। इसके बावजूद संताल आदिवासियों के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व के अवसर पर सरकारी स्तर से शुभकामना संदेश प्रदर्शित नहीं किया जाना चिंता का विषय है।
समाज के लोगों ने बताया कि जिस समय हिंदू समुदाय दुर्गापूजा मनाते है, उसी अवधि में संताल आदिवासी भी अपना दशाँय पर्व मनाते हैं। जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुमका की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम से दुर्गापूजा की शुभकामनाओं वाले होर्डिंग विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं, लेकिन दशाँय पर्व के लिए ऐसा कोई होर्डिंग नजर नहीं आ रहा है। लोगों का कहना है कि दुर्गापूजा की शुभकामनाओं के साथ ही दशाँय पर्व की शुभकामनाओं को भी स्थान दिया जा सकता था। संताल समाज के लोगों ने यह भी कहा कि पिछले वर्ष मीडिया में इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री की दशाँय पर्व संबंधी शुभकामनाओं का होर्डिंग लगाया गया था। इसके बावजूद इस वर्ष फिर वही स्थिति सामने आने से समाज के लोगों में असंतोष और आक्रोश है।
समाज के लोगों का सवाल है कि क्या संताल आदिवासियों को अपने पर्व के लिए सरकारी स्तर पर शुभकामना संदेश सुनिश्चित कराने के लिए हर वर्ष आवाज उठानी पड़ेगी? लोगों ने कहा कि जब राज्य को ‘अबुआ दिसोम, अबुआ राज की भावना के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात की जाती है, तो सभी समुदायों की भाषा, संस्कृति, परंपरा और पर्वों को समान मिलना चाहिए। संताल समाज ने कहा कि अपने ही राज्य में अपने प्रमुख पर्व के अवसर पर सरकारी शुभकामना संदेश नहीं दिखने से उन्हें उपेक्षा महसूस हो रहा है।
संताल समाज ने जिला प्रशासन, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री से मांग करती है कि जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुमका माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दशाँय पर्व की शुभकामनाओं का होर्डिंग अविलंब लगाया जाए, ताकि संताल आदिवासियों की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को भी उचित सम्मान मिल सके। इस मौके में सुभाष किस्कू, अर्जुन मुर्मू, सोनेलाल मुर्मू, रवींद्र सोरेन, सुनील मरांडी, शिवकांत मुर्मू, जोसेफ मरांडी, विमल हेम्ब्रम, अनुप हांसदा आदि उपस्थित थे।