संताल गांवों में बुजुर्गाें की संख्या नशे की वजह से हो रही कम, इसलिए सांस्कृतिक चेतना लाना जरूरी

कई आदिवासी इलाकों में नशापान सबसे बड़ी समस्या है। इसके बाद लोगों के बीचं स्वास्थ्य जागरूकता…

कठालिया गांव में संताल आदिवासियों ने शुरू की साप्ताहिक बोंगा बुरु

दान में आने वाले पैसों का दुरुपयोग नहीं करने की दी गयी सलाह। सार्वजनिक धन का…

डुहुमुर्गा गांव में संताल आदिवासियों ने साप्ताहिक पूजा की शुरुआत की, युवा पीढी में नैतिक मूल्य बढाने पर जोर

संताल आदिवासी गांवों में साप्ताहिक पूजा के आयोजन के जरिए समाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन समाज के लोगों…

दुमका: खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया आदिम जनजाति परिवार झरना का पानी पीने को मजबूर

खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया टोला में सारे चापानल खराब, दो सोलर टंकी में एक बंद, एक…

गुलामसुली गांव में संतालों की साप्ताहिक पूजा की शुरुआत, संस्कृति को बचाए रखने की कोशिश

संताल आदिवासियों ने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से साप्ताहिक मांझी थान पूजा शुरू…

दुमका के गरडी गांव में तीन दिनों का बाहा पर्व संपन्न, देखिए ये तसवीरें

दुमका : दुमका जिला अंतर्गत दुमका प्रखंड के गरडी गांव में ग्रामीणों द्वारा बाहा पर्व अत्यंत…

बाहा पर्व के वे दृश्य जो आपको सादगी, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव महसूस कराएंगे…

बाहा पर्व तीन दिनों का होता है। तीन दिनों में अलग-अलग आयोजन होते हैं। बाहा के…

ओलचिकी को मिले गौरव को लेकर मरांग बुरू की विशेष पूजा का आयोजन, राष्ट्रपति का जताया आभार

दुमका : संताली भाषा की लिपि ओलचिकी के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तथा…

प्रशासन की उदासीनता के बाद लोगों ने खुद हिजला मेले में लगाया संताली व ओलचिकी का बैनर

दुमका: झारखंड के दुमका जिले के शहर के करीब स्थित हिजला गांव में लगने वाला हिजला…

ओलचिकी पर डाक टिकट व स्मारक सिक्के जारी होने से संताल समाज में खुशी

ओलचिकी लिपि का आविष्कार पंडित रघुनाथ मुर्मू ने वर्ष 1925 में किया था। यह संताली भाषा…