मेरिको सम्मेलन के वादे पूरा नहीं करने पर चाय मजदूरों ने डुअर्स में किया हाइवे जाम


चाय बागान प्रबंधन व श्रमिकों के बीच सुलह के लिए विभन्न स्तरों पर बुलायी गयी बैठक चाय बागान प्रबंधन के प्रतिनिधियों की गैर हाजिरी की वजह से विफल हो गई। इसने मजदूरों के आक्रोश को और बढा दिया है।

अलीपुरद्वार: शुक्रवार को उत्तर बंगाल डुअर्स चाय बागान इलाके में चाय मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन व सड़क जाम के जरिए अपना आक्रोश प्रकट किया। मजदूर मेरिको सम्मेलन कंपनी के द्वारा चाय मजदूरों को अपने वादे के अनुरूप दुर्गा पूजा के पूर्व 20 प्रतिशत बोनस भुगतान नहीं किए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। चाय मजदूरों ने मदारीहाट, बागराकोट और चालसा में हाइवे जाम कर दिया।

स्वतंत्र चाय मजूदर संगठन पश्चिम बंग चा मजूर समिति (PBCMS) ने कहा है कि मेरिका सम्मेलन चाय बागान मजदूरों को किए गए वादे के अनुरूप भुगतान करने में विफल रहा है। पीबीसीएमएस ने कहा है कि प्रबंधन ने बार-बार अपने वादे को दोहराया लेकिन उसे पूरा नहीं किया। पांच अक्टूबर की समय सीमा बीत जाने के बाद भी इसका भुगतान नहीं किया।

बकाया वेतन, पिछले साल के बोनस का बकाया, छुट्टी के बदले भुगतान और प्रोविडेंट फंड की जमा राशि नहीं मिलने से मजदूरों का गुस्सा बढ गया है।

शुक्रवार को चाय बागान मजदूरों ने सुबह गेट मीटिंग की। हंतापारा, डुमचीपारा और गरगंडा के करीब 500 श्रमिकों ने मदारीहाट पुलिस थाने तक मार्च किया और चार बजे शाम तक धरना दिया। जब भुगतान की समय सीमा बीत गई तो उन्होंने मदारीहाट में एशियन हाइवे को जाम कर दिया।

बागाराकोट के श्रमिकों ने सुबह से शाम पांच बजे तक एनएच717ए को जाम रखा और अगले दिन फिर से जाम लगाने का संकल्प लिया। नागेश्वरी बागान के श्रमिकों ने मेटेली पुलिस थाने तक मार्च किया और बाद में चालसा चले गए, जहां उन्होंने शाम पांच बजे के करीब एनएच 31 को जाम कर दिया। इस वजह से डुअर्स के कई इलाके में यातायात बाधित रहा।

सरकार ने दिया आश्वासन, लेकिन प्रबंधन ने किया अनसुना


जानकारी के अनुसार, प्रबंधन ने 13 और 14 अक्टूबर को भुगतान करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन वह अपने वादे पर खरा नहीं उतरा। इसके बाद 15 अक्टूबर को अलीपुरद्वार में एक सुलह बैठक बुलायी गयी थी, जिसे तब रद्द कर दिया गया जब प्रबंधन ने अधिकारियों को भरोसा दिया कि भुगतान कर दिया जाएगा। जलपाईगुड़ी में भी एक सुलह बैठक हंगामे में तब्दील हो गई। वहां बागान प्रबंधन का कोई प्रतिनिधि नहीं आया जिससे यूनियन नेता भड़क गए। सिलीगुड़ी में अतिरिक्त श्रम आयुक्त के कार्यालय में हुई एक आपातकालीन बैठक भी इस संकट को सुलझाने में विफल रही, क्योंकि प्रबंधन के प्रतिनिधि वहां भी नहीं पहुंचे। अलबत्ता भाजपा विधायक सुकरा मुंडा ने मेरिको पर सरकार को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि कंपनी बोनस के भुगतान को इस शर्त से जोड़ रही है कि उन्हें उन चाय बागानों की लीज मिल जाए, जिन्हें वे अभी चला रहे हैं। श्रम सचिव ने बैठक में बताया कि नियोक्ता सुरजीत बख्शी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बोनस का भुगतान शाम चार बजे तक कर दिया जाएगा। लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया गया।

मंत्री की श्रमिकों से मुलाकात, आपराधिक मामले दर्ज


चालसा में सड़क जाम के दौरान श्रमिकों ने गृह राज्य मंत्री बिशाल लामा की कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। बाद में उनकी कार मदारीहाट में रोकी गई, जहां वे प्रदर्शनकारियों से मिले। उनके कहने पर चार गार्डन मैनेजरों को पुलिस थाने में हिरासत में ले लिया गया।

इसके बाद पीबीसीएमएस की सचिव हेमलता उरांव ने कंपनी, उसके निदेशकों और गार्डन मैनेजरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं। पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट का उपयोग करते हुए नियोक्ता से बकाया राशि वसूलने के लिए बीरपाड़ा पुलिस स्टेशन में मामले दर्ज किए गए हैं।

पीबीसीएमएस ने यह भी मांग की है कि जब तक कोई जिम्मेदार नया नियोक्ता नहीं मिल जाता, तब तक बागानों की संपत्तियों की सुरक्षा की जाए। पुलिस ने महिला श्रमिकों की ओर से संपत्तियों की लूटपाट के बारे में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करने और बागानों में नियमित गश्त करने पर सहमति जताई है। सरकार को या तो खुद इन बागानों को अपने हाथ में लेकर चलाना चाहिए या फिर स्थानीय समितियों को इन्हें चलाने में मदद करनी चाहिए, ताकि श्रमिकों की आजीविका सुरक्षित रह सके।

एक बात ने श्रमिकों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। दार्जिलिंग में मेरिको से जुड़े रुंगली रुंगलीओट बागान में 10 महीने का वेतन बकाया होने के बावजूद 16 अक्टूबर को श्रमिकों के खाते में 20 प्रतिशत बोनस जमा किया गया। ऐसे में अब डुअर्स क्षेत्र के नौ मेरिको.सम्मेलन बागानों के श्रमिक यह जानना चाहते हैं कि उन्हें अभी तक बोनस क्यों नहीं मिला है।

पीबीसीएमएस ने अपनी मांगें दोहराते हुए कहा है कि सरकार को मेरिको सम्मेलन समूह के खिलाफ यूनियन और श्रम विभाग द्वारा दर्ज सभी मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि बकाया राशि की वसूली हो सके और दोषियों को सजा मिल सके। जिन मेरिको.सम्मेलन बागानों के श्रमिकों को बोनस नहीं मिला है, सरकार को वहां 5,000 रुपये के विशेष पूजा भुगतान की योजना लागू करनी चाहिए। सरकार को बागानों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए श्रमिकों की मदद करनी चाहिए। फिलहाल, सरकार को खुद इन बागानों को चलाना चाहिए या फिर महिलाओं के नेतृत्व वाले समूहों को इन्हें चलाने में सहयोग देना चाहिए। लंबे समय के लिए सरकार को इन बागानों के लिए अच्छे नियोक्ता खोजने चाहिए।

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