डुअर्स में चाय श्रमिकों के बोनस का संघर्ष अब भी जारी, मेरिको प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई

पीबीसीएमएस ने भाजपा नेताओं द्वारा मजदूरों को बोनस बांटे जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी है और कहा है कि यह चाय श्रमिकों का अधिकार है जिसे उन्होंने मेहनत से कमाया है, यह कोई खैरात नहीं है।

अलीपुरद्वार: दुर्गा पूजा के ठीक पहले डुअर्स के चाय मजदूरों का बोनस के लिए जारी संघर्ष अब भी जारी है। चाय श्रमिक संगठन पश्चिम बंग चा मजूर समिति (पीबीसीएमएस) ने चाय बागान प्रबंधन मेरिको सम्मेलन के निदेशक, नियोक्ता और प्रबंधकों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

पीबीसीएमएस ने एक बयान जारी कर कहा है कि संगठन ने तीन एफआइआर दर्ज कराया, जिसके बाद मेरिका सम्मेलन के छह मैनेजरों को गिरफ्तार किया गया। इनके चार दिन पुलिस हिरासत में रहने के बाद इनमें से पांच की अलीपुरद्वार अदालत में पेशी होनी थी। हालांकि निदेशक व नियोक्ता अभी भी गिरफ्तार नहीं हुए हैं और दो प्रबंधक फरार बताए जा रहे हैं।

पीबीसीएमएस ने अपने वक्तव्य में कहा है कि प्रशासन की गंभीरता इस बात आंकी जाएगी कि क्या वह उचित मामलों में जमानत का विरोध करता है और बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जरूरी कदम उठाता है।

उधर, पीबीसीएमएस से जुड़े श्रमिक नेताओं पर मामले को वापस लेने का भी दबाव बनाया जा रहा है।

पीबीसीएमएस ने कहा है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, सभी बकाया राशि वसूली जाए और जिन मजदूरों का बोनस नहीं मिला है, उन्हें पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाए और बागान की संपत्ति की सुरक्षा की जाए। साथ ही नया बागान प्रबंधन लाया जाए। बागान की लकड़ी व अन्य संपत्तियों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए उनकी सुरक्षा की भी मांग की गई है।

संगठन ने 17 अक्टूबर को डमचीपाड़ा, हंतापाड़ा, गैरगंडा, तुलसीपाड़ा और बीरपाड़ा में 10 प्रतिशत बोनस बांटे जाने का जिक्र करते हुए कहा है कि बागराकोट, किलकोट और नागेश्वरी के मजदूरों को अभी भी बोनस भुगतान का इंतजार है।

पीबीसीएमएस ने सैमसिंग में भाजपा के तीन मंत्रियों, दो विधायकों व एक सांसद के द्वारा बोनस वितरण को राजनीतिक तमाशा करार देते हुए कहा है कि यह मजदूरों का अधिकार है, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत से कमाया है, जबकि उसे किसी राजनीतिक दल की ओर से दी जाने वाली खैरात की तरह पेश किया गया।

बोनस से वंचित मजदूरों को 5,000 रुपये की सहायता मिले


राज्य सरकार ने बंद चाय बागानों के पात्र मजदूरों के लिए पूजा के मौके पर 5,000रुपये की विशेष सहायता देने की घोषणा की थी। पीबीसीएमए की मांग है कि जिन मेरिको-सम्मेलन मजदूरों को वादा किया गया 20% बोनस नहीं मिला है, उन्हें भी यह सहायता दी जाए। कागजों में उनके बागान चालू बताए जा सकते हैं, लेकिन मालिकों ने मजदूरों को पैसा नहीं दिया है। सरकार को कानून के मुताबिक मालिकों से मजदूरों का बकाया वसूलने की कार्रवाई भी करनी चाहिए।

पीबीसीएमएस की मांग

चाय मजदूर संगठन पीबीसीएमएस ने कहा है कि उसके और श्रम विभाग की ओर से दर्ज सभी मामलों में कार्रवाई हो, मजदूरों का बकाया वसूला जाए और कानून के तहत जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाए। जिन मेरिको सम्मेलन मजदूरों को पूरा बोनस नहीं मिला है, उन्हें 5000 रुपये की विशेष पूजा सहायता दी जाए। बागानों की संपत्ति सुरक्षित की जाए और मजदूरों को उसकी रखवाली में मदद मिले। जब तक जिम्मेदार मालिक नहीं आते, सरकार बागान चलाए या महिला समूहों को बागान चलाने में सहायता दे।

ऐसे जिम्मेदार नए मालिक लाए जाएं जो पुराने बकाये चुकाएं, बागान फिर खोलें और मजदूरों की रोजी-रोटी सुरक्षित करें।

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