सुपौल: बिहार के सुपौल जिले में कोशी नदी का जलस्तर काफी बढ गया है। कोशी बराज का शनिवार को डिस्चार्ज लेवल 1.48 लाख क्यूसेक व रविवार को 1.70 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे कटाव का खतरा लगातार बढता जा रहा है। पानी की तेज धार की वजह से अबतक नदी के आसपास के दर्जनों घर पानी में समा गए और प्रभावित लोग ऊँची जगहों पर शरण लेने को मजबूर हुए।
कई जगह बिजली के खंभे गिर गए और एक संस्कृत विद्यालय भी ध्वस्त हो गया।

प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे पिपरा के विधायक रामविलास कामत।
दैनिक भास्कर अखबार ने 11 अगस्त को रिपोर्ट किया है कि दुबियाही पंचायत में एक पखवाड़े में 150 घर पानी में बह गए। प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की गई है।
रविवार को पिपरा के विधायक रामविलास कामत ने एडीएम सच्चिदानंद कुमार, जल संसाधन विभाग के पूर्वी कोशी तटबंध के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार, सहायक अभियंता ओम प्रकाश मिश्रा व सीओ सुशीला कुमारी व पूर्व प्रमुख सूर्यनारायण प्रसाद व जदयू प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव के साथ विभिन्न प्रभावित स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें सहायता का आश्वासन दिया। सुपौल जिले के पांच प्रखंड की 33 पंचायतें बाढ से अधिक प्रभावित होती हैं।

घुरण पंचायत के निर्मली गांव के बौआ ठाकुर संस्कृत प्राथमिक सह मध्य विद्यालय नदी के कटाव से संकट में आ गया है। इस विद्यालय का ठिकाना पांचवी बार बदलना पड़ा है। वर्ष 1978 में स्थापित यह विद्यालय फूस व टीन की शेड में संचालित होता रहा है। यह कक्षा एक से आठ तक की पढाई होती है और मात्र एक शिक्षक तैनात हैं, जबकि 142 बच्चे नामांकित हैं। यह सरकारी अनुदान से संचालित होता है।

नीचे की तसवीरें बिहार के सुपौल जिले के किशनपुर ब्लॉक के बेलागोट गांव की हैं, जहां अगस्त के शुरुआती दिनों से ही कोशी से कटाव हो रहा है। इस कारण नदी के तट के आसपास के कई लोगों के घर उजड़ गए हैं और वे दूसरी जगह नया घर बनाने की जुगत में हैं। आप खुद इन तसवीरों में इन अस्थायी घर वालों की कटाव की स्थायी पीड़ा को देख व महसूस सकते हैं।
इन्हें यह पता नहीं होता कि इस कटाव के बाद वे जिस दूसरी दिशा में घर बनाएंगे वह कितने साल या महीने रह पाएगा, क्योंकि कोशी की धार किसी ओर मुड़ सकती है और कटाव हो सकता है। यानी कटाव इनके जीवन का स्थायी हिस्सा है और कोई एक घर अस्थायी हिस्सा…




(तसवीरें व इनपुट कम्युनिटी जर्नलिस्ट राजेश मंडल की।)