कहते हैं अकेला चना भांड नहीं फोड़ सकता। लेकिन, केरल के पालक्काड जिले के कल्लूर बालन…
Author: Rahul Singh
जलवायु परिवर्तन कर रहा चॉकलेट की मिठास कम, कीमतें 400% तक बढीं
वैलेंटाइंस डे आते ही सबसे पहले क्या याद आता है? प्यार, गले लगना, और… चॉकलेट! लेकिन…
भारत में भूजल प्रदूषण का संकट गहरा हो रहा है: केंद्रीय भूजल बोर्ड
ईशा लोहिया (Esha Lohia) भूजल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि जमीन के…
संताल आदिवासियों का सवाल, बंगाल, असम व ओडिशा में ओलचिकी लिपि मान्य तो झारखंड में क्यों नहीं?
दुमका: दिसोम मरांग बुरु संताली अरीचली आर लेगचर अखड़ा और ग्रामीणों ने संताली भाषा, ओलचिकी लिपि…
फ्री होल्ड पर चाय बागानों की 30% जमीन उद्योगपतियों को देने का फैसला गलत : पीबीसीएमएस
कोलकाताः पश्मिच बंग चाय मजूर समिति(PBCMS) ने पश्चिम बंगाल सरकार के फ्री होल्ड पर चाय बागानों…
रिपोर्ताजः पाताल जैसे पातालकोट के गांव, सहमे बच्चे, मुश्किलों से जूझती महिलाएं और घंटों का सफर…
मध्यप्रदेश से स्वतंत्र पत्रकार सतीश मालवीय छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट घाटी रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे थे।…
जीडीपी में मनरेगा की हिस्सेदारी में छह सालों में 0.56% से घट कर 0.24% हो गई
नई दिल्लीः केंद्रीय बजट में इस साल भी मनरेगा का बजट पूर्ववत रखा गया है। नरेगा…
ओडिशा में प्रस्तावित अस्तारंगा बंदरगाह के खिलाफ स्थानीय समुदाय क्यों उठा रहा है आवाज?
भुवनेश्वरः ओडिशा के पुरी जिले के अस्तारंगा में प्रस्तावित बंदरगाह के खिलाफ स्थानीय समुदाय लंबे समय…
संताली भाषा व ओलचिकि लिपि में पढाने की मांग किस आधार पर कर रहे हैं झारखंड के संताल आदिवासी?
मुख्यमंत्री को मांग सौंप कर अमल करने की विभिन्न संगठनों ने किया है आग्रहदुमका : झारखंड…
दूसरा चांदमुनी बनाने की हो रही है साजिश, चाय बागानों के साथ कब होगा न्याय?
चाय बागान मजदूरों के खून-पसीने से सींची गई जमीन पर उद्योगपतियों व व्यापारियों की नजर टिकी…