भुवनेश्वर : ओडिशा के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नियमगिरि सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लाडा सिकाका की रिहाई के लिए एक सार्वजनिक बयान जारी किया है और पुलिस व सरकार से अविलंब उनकी रिहाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर 2026 को पुलिस ने लाडा सिकाका को तब हिरासत में लिया, जब दो पुराने मामलों में लांजीगढ़ कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे अपने वकील और छह दूसरे लोगों के साथ घर लौट रहे थे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से जारी बयान के अनुसार, लाडा सिकाका को पुलिस ने कल्याणसिंह पुर के पास उनकी गाड़ी रोक कर हिरासत में लिया था। जारी बयान में कहा गया है कि हम वकील, मानवाधिकार संगठन, सिविल सोसाइटी और अलग राजनीतिक समूह के सदस्य इस जबरन गिरफ्तारी और उनकी गिरफ्तारी के बाद वेदांतारा सिजीमाली बॉक्साइट प्रोजेक्ट के विरोध वाले दो बड़े गांवों – काशीपुर ब्लॉक के कांटामाल और धुआमूल रामपुर के तेलसांपदार के एंट्री पर हथियारबंद पुलिस बल की तैनाती की निंदा करते हैं।
बयान में कहा गया है कि यह चिंता की बात है कि गिरफ्तारी के 20-22 घंटे बाद भी उनका कोई अता-पता नहीं है। घटना के समय मौजूद उनके वकील और रिश्तेदारों ने इस बारे में रायगढा एसपी को शिकायत लिखी थी, लेकिन उन्हें बताया नहीं गया। उनके घरवालों को भी पुलिस ने नहीं बताया। यानी पुलिस ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया।