विमला बहुगुणाः सुंदरलाल बहुगुणा की आधारस्तंभ व प्रेरक शक्ति

अनूप नौटियाल
फाउंडर, सोशल डेवलपमेंट एंड कम्युनिटीज फाउंडेशन, उत्तराखंड

स्वर्गीय श्रीमती विमला बहुगुणा जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि, जिन्होंने अपने जीवन के 93 वर्ष धरती माता की सेवा में समर्पित कर दिए और सामाजिक, विकासात्मक और पर्यावरणीय सभी उद्देश्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और दृढ़ इच्छाशक्ति से एक अमिट छाप छोड़ी।

अपनी छोटी और दुर्बल कद-काठी के बावजूद, वे स्वर्गीय श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी के लिए आधारस्तंभ थीं, जिन्होंने दुनिया भर के अनगिनत पुरुषों और महिलाओं की कल्पनाओं को आकर्षित किया। कई मायनों में, उनका साथ होना किसी पूर्णता से कम नहीं था। वे बहुगुणा जी के पीछे प्रेरक शक्ति थीं, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके संयुक्त धर्मयुद्ध में शक्ति और पोषण की भावना को मूर्त रूप दिया।

उत्तराखंड में चिपको आंदोलन के तहत पेड़ों से लिपट कर या चिपक कर उनकी रक्षा के लिए आंदोलन चलाया गया था। बाद में दूसरे राज्यों में भी पेड़ों की रक्षा व बचाव के लिए इसका अनुकरण किया गया।

प्रसिद्ध चिपको आंदोलन में दोनों के संघर्ष और योगदान के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है। उनके निधन के बाद, कई और कहानियाँ सामने आएंगी, जिसमें बताया जाएगा कि कैसे उन्होंने बहुगुणा जी और बड़े उद्देश्य को सही दिशा में निर्देशित किया।

उनके निधन से हमने न केवल एक शानदार महिला और एक अद्भुत इंसान को खो दिया है, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति को भी खो दिया है जिसने उन लोगों को आश्रय, सहायता और आशीर्वाद प्रदान किया जो उनके साथ रहने के लिए भाग्यशाली थे। मुझे भी हाल ही में 9 जनवरी को देहरादून में दून लाइब्रेरी में उनके साथ मंच साझा करने का सौभाग्य मिला। हम सुंदरलाल बहुगुणा जी को उनकी 95वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे। अपने आस-पास के लोगों के बीच, वह अलग दिख रही थीं, उनकी खामोशी और उनकी उपस्थिति हम सभी से ऊपर थी।

1970 के दशक में उत्तराखंड में पेड़ों की रक्षा के लिए चलाए गए चिपको आंदोलन में विमला बहुगुणा की अहम भूमिका थी। यह उसका ही एक दृश्य है।

आखिर में, वह हमेशा अपने धैर्य, करुणा और ज्ञान से दूसरों को बेहतर कल और मानव जाति और सभी जीवित प्राणियों के लिए अधिक लचीले भविष्य के लिए प्रेरित करती रहें। वह आशा की किरण बनी रहें।

उनकी आत्मा को शांति मिले!

(यह आलेख अनूप नौटियाल द्वारा विमला बहुगुणा के निधन पर लिखे गए उनके लिंक्डइन पोस्ट का हिंदी अनुवाद है।)

टिप्पणीः विमला बहुगुणा का 14 फरवरी, 2025 को निधन हो गया। उन पर लिख गए इस पोस्ट को भी आप पढ सकते हैं।

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