देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में पांच अगस्त 2025 को बादल फटने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई व करीब 50 लोग लोग लापता हो गए।
इस घटना को लेकर एनडीआरएफ के आइजी मोहसिन शाहीदी ने बताया कि यह घटना दिन के करीब दो बजे हर्षिल टाउन में हुई। उन्होंने कहा कि आरंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में 40 से 50 घर बह गए और 50 लोग लापता हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव चलाना होगा। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ की तीन टीमों को मौके पर भेजा गया और प्रत्येक टीम में 35 सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के मलबे में लोगों को दबे होने की आशंका है, इसलिए एनडीआरएफ टीम को सभी इक्यूपमेंट के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआइ के एक सवाल के जवाब में कहा कि वायनाड व चमौली में जो घटना घटित हुई थी, उसका रिप्ले यह घटना लग रही है, इसलिए बड़े स्तर पर राहत-बचाव का काम होना है। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे हुए लोगों को निकालना होता है और अभी बारिश वहां हो रही है तो फ्लश फ्लड के दोहराव के खतरे से भी हमारी राहत-बचाव दल के सदस्यों को सचेत रहना होगा।

बादल फटने के बाद दर्जनों मकानों के मलबे में बदलने के साथ बाढ जैसे हालात हो गए।
आइटीबीपी ने अपने ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि धराली में आए फ्लश फ्लड और अन्य एजेंसियों द्वारा त्वरित समन्वय से 37 ग्रामीणों को बचाया गया है, जिनमें 22 पुरुष, 11 महिला और चार बच्चे शामिल हैं। इन्हें आइटीबीपी के बीओपी कोपांग पहुंचाया गया जहां इनका प्राथमिक उपचार किया गया।

आइटीबीपी द्वारा प्रभावित क्षेत्र में चलाया गया राहत एवं बचाव कार्य। फोटो: आइटीबीपी।
बिग्रेड कमांडर बिग्रेडियर मंदीप ढिल्लो ने बताया कि दिन के पौने दो बजे केकरीब धराली गांव में भूस्खलन और हिमस्खलन की घटना हुई। हर्षिल पोस्ट पर स्थित भारतीय सेना की टुकड़ी घटना के 10 मिनट के अंदर भीतर गांव पहुंची। उन्होंने बताया कि राहत कार्य जारी है। 20 लोगों को बचाया गया है और घायलों का इलाज किया जा रहा है। धराली गांव हर्षिल से उत्तर दिशा में चार किमी की दूरी पर है।