अबुवा दिसोम अबुवा राज फिर भी संताल आदिवासी को दॉंसाय पर सरकार की ओर से शुभकानाएं नहीं देने पर आक्रोश

दुमका: दिसोम मरांग बुरु युग जाहेर अखड़ा और ग्रामीणों द्वारा दुमका प्रखंड के लेटो गांव में…

संतालों के दासाँय पर्व को लेकर बेलबोरोन पूजा का आयोजन, पांच दिनों तक चलता है मुख्य उत्सव

दुमका : गुरु-शिष्य का पर्व दासाँय को लेकर खेरवाड़ साँवता एभेन बायसी की अगुवाई में झारखंड…

संताल आदिवासियों के ऐतिहासिक गांव हिजला के प्रधान सुनिलाल हांसदा का निधन

दुमका: झारखंड के दुमका जिले में स्थित संताल आदिवासियों के ऐतिहासिक गांव हिजला के ग्राम प्रधान…

खेरवाड़ साँवता एभेन बैसी में संताल युवाओं को नशे से दूर रखने व शिक्षा के करीब लाने का फैसला

दुमका : दुमका जिले के रामगढ प्रखंड की बरमसिया पंचायत के ग्राम जालवे के उत्क्रमित मध्य…

संताली को बाजार की भाषा बनाना होगा, ओलिचिकी लिपि के लिए अभी और काम करना होगा: विलियम हांसदा

विलियम हांसदा: कॉमर्स के एक छात्र के संताली प्रकाशक व लेखक बनने का यात्रा अनुभव विलियम…

लुगू बुरू: एक पवित्र पहाड़, एक समृद्ध जंगल जिसे आदिवासियों ने बचाया

बोकारो जिले में स्थित लुगू बुरू आदिवासियों का एक पवित्र तीर्थ स्थल है। यहां हर साल…

संताल आदिवासियों की अम्बावती परंपरा धरती की उर्वरता के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

इस साल वर्ष 2025 में 22 जून से संताल आदिवासियों की अम्बावती परंपरा शुरू हुई है।…

डॉ लुईस मरांडी से आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने रखी ओलचिकी और संताली माध्यम से पढाई की मांग

विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी ज्ञापन प्रेषित किया दुमका: झारखंड में केजी…

फोटो स्टोरी : ओलिचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती पर आदिवासी समुदाय ने उन्हें किया याद

दुमका: दुमका जिले के जामा प्रखंड के ऊपरबहाल गांव में ग्रामीणों ने संताली भाषा की ओलचिकी…

पंडित रघुनाथ मुर्मू: संतालों की भाषाई अस्मिता के सूत्रधार

संताली समाज के प्रति समर्पित थे पंडित रघुनाथ मुर्मू उन्होंने संताली भाषा के लिए ओलचिकी लिपि…