जोगियाटीकर में आदिम जनजाति परिवारों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं

दुमका: झारखंड के दुमका जिले के जामा प्रखंड के अंतर्गत गायबथान गांव के जोगियाटीकर टोला के आदिम जनजाति के करीब सत्रह परिवार कई भूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस टोले में लोगों के पास न पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था है और न सड़कें पक्की हैं।

यह टोला पक्की सड़क दलदली से लगभग एक किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। जोगियाटीकर टोला में पीसीसी ढलाई भी नहीं हुई है। .टोला में पीसीसी ढलाई नहीं रहने और पक्की सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा होने के कारण ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षा के दिनों में टोले में आम लोगो को कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

गांव में खराब सोलर जलमीनार।

ऐसे हालात में कोई बुजुर्ग, मरीज या गर्भवती को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता होती है, तो एंबुलेंस भी नहीं आ पाती है। ग्रामीणों का आगे कहना है कि सत्रह परिवार मात्र एक ही चापानल पर पानी के लिए निर्भर हैं, जो पर्याप्त नहीं है। इस चापानल के जरिए लोग अपने मवेशियों की भी प्यास बुझाते हैं। ऐसे में इस पर दबाव और बढ जाता है।

गांव की खराब कच्ची सड़क, जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस टोला में एक सोलर जल मीनार भी है जो दो वर्षाे से खराब पड़ा है। इसकी शिकायत मुखिया से भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक जलमीनार की मरम्मत नहीं की गई है। ग्रामीणों ने सरकार, प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द जलमीनार का मरम्मत करवायी जाए, टोला में पीसीसी ढलाई करवायी जाए और इसे पक्की सड़क से जोड़ा जाए। इस मौके पर पुरण पुजहर, विशु पुजहर, राजू पुजहर, मानेश्वर पुजहर, गोविंद पुजहर, जीतन पुजहर, सुरेंद्र पुजहर, सुरेश पुजहर, प्रमीला देवी, आभा देवी, नोमिता देवी, हीरा देवी, लखी देवी, मिनी देवी, आशा देवी के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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