संताल परगना स्थापना दिवस पर निकाली पदयात्रा, संताल काटा पोखर पर शहीदों को अर्पित किया श्रद्धा सुमन

दुमका : संताल परगना स्थापना दिवस के अवसर पर भारत सेवाश्रम संघ, स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा और सामाजिक संगठन द्वारा रानीश्वर के पाथरा परिसर से संताल काटा पोखर, दिगुली तक एक भव्य पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा को मांझी बाबा कंपनी मुर्मू एवं भारत सेवाश्रम संघ के सचिव स्वामीजी नित्यव्रतानंद जी ने संयुक्त रूप से झंडा दिखाकर रवाना किया। यह पदयात्रा पाथरा ग्राम, रानीश्वर ग्राम एवं रानीश्वर बाजार होते हुए दिगुली स्थित हुल के ऐतिहासिक स्थल संताल काटा पोखर पहुँची। वहां पहुंचकर अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू, चाँद-भैरव मुर्मू, फूलो-झानो मुर्मू सहित संताल काटा पोखर के अन्य गुमनाम शहीदों को लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। पदयात्रा के दौरान शहीदों के सम्मान में गगनभेदी नारे लगाए गए।

इस दौरान पदयात्रा में शामिल लोग – “सिदो-कान्हू अमर रहें”, “चाँद-भैरव अमर रहें”, “फूलो-झानो अमर रहें”, “संताल काटा पोखर के गुमनाम शहीद अमर रहें” संताल परगना जीतकर(जय), संताल काटा पोखर जीतकर(जय) जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंजमय हो उठा। इस दौरान उपस्थित जनसमूह में जोश व देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इस पदयात्रा के सफल आयोजन में विभिन्य सामाजिक संगठन, गांव के लेखा होड़ मंझी बाबा, नायकी, गुडित, योग मंझी आदि ने अग्रणी भूमिका निभाया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिनन्दन मुर्मू, कालेश्वर मरांडी, रणजीत राउत, बोध बोदरा, गोविन्द यादव, पार्थ राउत, प्रमिला टुडू, प्रणव कुमार भकत, प्रशांत कुमार मुर्मू, शामु हांसदा, सेमल मुर्मू, शिबू मुर्मू सहित विद्यालय के छात्र और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि संताल परगना के वीर शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। सभी को अपने इतिहास से सीख लेकर समाज, संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा हेतु सदैव कर्तव्यनिष्ठ रहना चाहिए।

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