ऐसे आयोजनों का उद्देश्य संताल समाज में धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना लाना है।
दुमका : धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने तथा बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से दुमका प्रखंड के पांजनबोना गांव में एक नई पहल की गई है। गांव के लेखा होड़ (संताल गांव संचालक) और समाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन मरांग बुरु की पहल पर ग्रामीणों द्वारा साप्ताहिक मांझी थान पूजा की शुरुआत की गई। गांव के लेखा होड़ (संताल गांव संचालक) और ग्रामीणों द्वारा साप्ताहिक मांझी थान पूजा के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक पुनर्जागरण की शुरुआत की गई है।
यह पूजा संताल आदिवासी समाज के आराध्य देव मरांग बुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए आयोजित की जा रही है। साप्ताहिक मांझी थान बोंगा बुरु (पूजा) का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक एकता को मजबूत करना, आध्यात्मिक शांति स्थापित करना तथा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे नई पीढी में स्थानांतरित करना है। यह पहल विशेष रूप से युवा पीढ़ी और बच्चों को अपनी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने के लिए की गई है, ताकि वे अपने रीति-रिवाजों को समझें, उनका सम्मान करें और उन पर गर्व महसूस करें।

पूजा में महिलाएं परंपरागत वेशभूषा में शामिल होती हैं।
इस अवसर पर बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करने के लिए विशेष प्रार्थना की गई, जिसमें नशे से दूर रहने, नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करने का संदेश दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि साप्ताहिक मांझी थान बोंगा बुरु (पूजा) से गांव और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और भाईचारा बढ़ेगा तथा धर्म, संस्कृति और सभ्यता को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जो आगे चलकर संताल समाज को धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करेगा।

पूजा में पुरुष भी शामिल होते हैं और युवाओं व सभी लोगों से नशेपान व बुरी आदतों से दूर रहने की अपील की जाती है।
इस अवसर पर गांव के महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने सामूहिक रूप से मांझी थान में एकत्र होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार धूप, अगरबत्ती, जल, लड्डू, गुड़, चूड़ा, पानी आदि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान भी किया गया।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि साप्ताहिक मांझी थान पूजा प्रत्येक रविवार को आयोजित की जाएगी, क्योंकि इस दिन बच्चों का स्कूल भी बंद रहता है और वे अधिक से अधिक संख्या में इसमें भाग ले सकेंगे। प्रत्येक साप्ताहिक पूजा में दान स्वरूप प्राप्त राशि का उपयोग मांझी थान की मरम्मत तथा अन्य सामाजिक व धार्मिक कार्यों में किया जाएगा।

पूजा की तैयारी का एक दृश्य।
स राशि का उपयोग हड़िया या अन्य नशे की वस्तुओं पर नहीं किया जाएगा। पूजा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर रामपुर पंचायत के मुखिया तोलेन बास्की के साथ गांव के लखन हांसदा, सुबान सोरेन, सुनील किस्कू, सोनोत हेम्ब्रम, रूबीन्दर सोरेन, नेमन मरांडी, परमेश्वर हांसदा, दिलीप सोरेन, रावन किस्कू, वीरेंद्र सोरेन, सुरेंद्र सोरेन, जीवन हांसदा, शिवशंकर हांसदा, लिम्पा मरांडी, रामेश्वर हांसदा, रूवान हांसदा, संदीप हांसदा, ललीता हेम्ब्रम,लोईस किस्कू, मुनी मरांडी, तेरेशा किस्कू, शालू हेम्ब्रम, सोनोती टुडू, शिलवांती हेम्ब्रमए शिलाती बास्की, मती सोरेन, लुखीमुनी बास्की, दामिनी मुर्मू, लगनी हांसदा, राकेश हेम्ब्रम, रूबीलाल मुर्मू, सनातन मरांडी,विनोद हेम्ब्रम, भीम सोरेन, सरोज हांसदाए फिलीमन सोरेन, सुभाष किस्कू, अर्जुन मुर्मू, प्रेम सोरेन के साथ काफी संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चे उपस्थित थे।