फोटो स्टोरी: तीस्ता नदी में तेज बहाव में बहा चार दिन का नन्हा हाथी, मछुआरों ने किया रेस्क्यू

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में तीस्ता नदी में हाथी का सोमवार को भावुक करने वाला दृश्य सामने आया। नदी के बहाव में हाथी का एक बेहद छोटा बच्चा बहने लगा, जिसके बाद मछुआरों ने उसे बचाया।

जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के गजोलबोडा में तीस्ता नदी के तेज बहाव हाथी का एक मात्र चार दिन का बच्चा सोमवार, 21 सितंबर 2026 को बहने लगा। इससे उसकी मां और बच्चा दोनों बेचैन हो गए। मां ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर स्थानीय मछुआरों ने उसी नदी में देखा और नाव की मदद से उस बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इस मशक्कत में दो घंटे का समय लगा। वन विभाग ने भी इस कार्य में सहयोग किया।

इस पूरे घटनाक्रम की यह सबसे खूबसूरत तसवीर है, जिसमें हाथी और मनुष्य के रिश्ते दिख रहे हैं। नन्हे हाथी ने अपना सूंढ मछुआरे के गले में लपेट लिया है।

हाथी के शावक के बचाव कार्य का फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर 21 सितंबर की शाम से तेजी से वायरल होने लगाा।

हाथी के बच्चे को नदी से निकालने के दौरान मछुआरे।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नदी को पार करते समय बच्चा अपनी मां से बिछ़ड़ गया था और तीस्ता बैराज के ऊपरी हिस्से से बहकर वह नीचे की ओर चला गया था। बच्चा लगातार अपनी मां को पुकार रहा था, जिससे इस ओर लोगों का ध्यान गया।

मिलन के बाद खुश मां और बच्चा।

पानी की तेज लहरों में उसे संघर्ष करता देख स्थानीय मछुआरे – अजय दास, राजेश दास, गोपाल दास, मिट्ठू दास और विश्वनाथ दास ने अपनी जान को खतरे में डालते हुए उसका बचाव किया और सुरक्षित रूप से उसे पानी से बाहर निकालते हुए एक द्वीप तक पहुुचाया।

तीस्ता नदी में बह रहे हाथी के बच्चे का बचाव करने वाले मछुआरे।

मछुआरों और वन कर्मियों की इस कोशिश की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।

(नोट: इस खबर के लिए तसवीरें हमने द दार्जिलिंग क्रॉनिकल से साभार ली हैं।)

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