जी राम जी बिल को मंजूरी के बावजूद मनरेगा पर लड़ाई खत्म नहीं हुई है

विभिन्न जन संगठन नई रणनीति के साथ अगले चरण के संघर्ष की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

नई दिल्ली/कोलकाता: केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण श्रमिकों को साल में 125 दिनों का रोजगार देने के वादे के साथ विकसित भारत – जी राम जी विधेयक लाये जाने, उसे संसद के दोनों सदनों में स्वीकृति और फिर राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी के बावजूद मनरेगा को लेकर लड़ाई खत्म नहीं हुई है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून यानी मनरेगा को इस नए कानून के जरिये खत्म कर दिया है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ विभिन्न जन संगठन अगले चरण के संघर्ष की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

जन संगठन अब मनरेगा के अधिक संशोधित स्वरूप को लागू करने की मांग कर सकते हैं, जिसमें रोजगार के अधिक दिन या पूरे साल के रोजगार व संशोधित मजूदरी भुगतान जैसी मांगें प्रमुख हो सकती हैं। विभिन्न जन संगठनों ने इस पर आपसी चर्चा व विमर्श शुरू कर दिया है और नए साल में एक बड़े जन आंदोलन को खड़ा करने की संभावना तलाशी जा रही है।

कोलकाता में शुक्रवार को दो अलग-अलग जगहों से प्रदर्शन निकाला गया।

इससे पहले पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जन संगठनों ने मनरेगा को खत्म कर सरकार द्वारा नया कानून लाये जाने के खिलाफ 23 दिसंबर को सड़कों पर प्रदर्शन किया और राजभवन मार्च किया। नरेगा संघर्ष मोर्चा ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस प्रदर्शन में करीब 10 हजार ग्रामीण कृषि मजदूर शामिल हुए और केंद्र के फैसले का विरोध किया है।

यह प्रदर्शन दो अलग-अलग हिस्सों में हुआ। एक जुलूस सियालदह से और दूसरा हावड़ा से शुरू किया गया। ये दोनों जुलूस बात में सेंट्रल कोलकाता पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डोरिना क्रॉसिंग को 20 मिनट के लिए ब्लॉक किया।

प्रदर्शनकारियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंप कर अपनी मांगें भी रखी। नरेगा संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि काम का अधिकार कोई दान नहीं है, बल्कि यह गरिमा, जीवन और संवैधानिक न्याय का मामला है और यह चेतावनी दी गई कि अगर मांगों को नजरअंदाज किया गया तो ग्रामीण मजदूर अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

प्रदर्शनकारियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा।

राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि राज्यपाल संवैधानिक रूप से हस्तक्षेप करके केंद्र सरकार से नए अधिनियम को वापस लेने का आग्रह करें।

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