संताली भाषा की ओलचिकी लिपि को व्यापक मान्यता दिलाने के लिए कुल्ही दुरूह का आयोजन

दुमका: झारखंड राज्य में केजी से पीजी तक सभी शिक्षण संस्थानों में संताल आदिवासी की ओलचिकी…

नाजीर हेम्बरम: एक संताली कवि जिन्हें अनुवाद के लिए मिला साहित्य आकादमी सम्मान

दुमका: नाजीर हेम्बरम एक संताली कवि हैं, जिन्हें इस साल संताली भाषा में श्रेष्ठ अनुवाद के…

दुमका रेलवे स्टेशन के नाम पट्ट में जुटा संताली भाषा व ओलचिकी लिपि, आदिवासी समाज में हर्ष

दुमका : दुमका रेलवे स्टेशन का नाम नाम पट्ट में संताली भाषा व ओलिचिकी लिपि में…

हिजला मेले में ओलिचिकी लिपि में तोरण द्वार व बैनर नहीं लगाए जाने से ग्रामीण व आदिवासी संगठन नाराज, तुरंत सुधार की मांग

दुमका : 135 वर्ष पुराना ऐतिहासिक राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव दुमका प्रखंड के हिजला गांव…

संताल आदिवासियों की धार्मिक पुस्तक जोमसिम विनती का डॉ धुनी सोरेन ने किया विमोचन

पुस्तक के लेखक संताल धर्म गुरु व टैगोर साहित्य पुरस्कार से सम्मानित सोमय किस्कू हैं, जिन्होेंने…

संताल आदिवासियों का सवाल, बंगाल, असम व ओडिशा में ओलचिकी लिपि मान्य तो झारखंड में क्यों नहीं?

दुमका: दिसोम मरांग बुरु संताली अरीचली आर लेगचर अखड़ा और ग्रामीणों ने संताली भाषा, ओलचिकी लिपि…