आज सोहराय का दूसरा दिन, इस वजह से लोग घरों के दरवाजे पर टांगते हैं चटाई

परिवार व गोतिया के साथ गोडा पूजा करने की है परंपरा

बोआरीजोर(गोड्डा): झारखंड के संताल परगना क्षेत्र के संताल आदिवासियों द्वारा आज 10 जनवरी 2026 सोहराय पर्व के दूसरे दिन की पूजा की गई और उससे जुड़ी परंपरा का निर्वाह किया गया। इस दिन को सभी घरों में अपना-अपना गोड़ा पूजा (गोहाल पूजा) की जाती है। कुछ परिवार एक साथ अपना गोतिया के सभी परिवार के साथ मिलकर भी गोड़ा पूजा करते हैं। इसमें एक गोतिया के सभी सदस्य एक साथ पूजा करते हैं। गोड़ा पूजा में सूअर का बलि गोहाल में दी जाती है।

उसके बाद मुर्गा की बलि घर के पूजा में दी जाती है। उसके बाद बलि का खिचड़ी और पतड़ा पीढ़ह(पत्ता में बना रोटी) प्रसाद बनाकर इष्ट देवता को भोग में दिया जाता है। उसके बाद सभी लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन को लेकर यह भी मान्यता है कि बिना पूजा के किसी भी बाहरी व्यक्ति से कोई बात नहीं करनी है। इसलिए इस दिन लोग अपने घर के दरवाजे में चटाई टांग देते हैं, ताकि सभी कोई समझ सकें कि आज गोड़ा पूजा है।

घर के कोई भी सदस्य बिना पूजा के किसी भी बाहरी व्यक्ति से बात नहीं करता है। इस दिन को गोहाल के सामने जमीन में तोड़ो भी बनाते हैं, जो एक प्रकार का हाथ से बनी तस्वीर होती है। इस पूजा में डॉ आनंद मोहन सोरेन, सच्चिदानंद सोरेन, विश्वनाथ सोरेन, प्रेमलाल सोरेन, सुनील सोरेन, कल्याणी हेम्ब्रम, रोजमेरी मरांडी, अनंत लाल सोरन, ज्ञानचंद सोरेन, नवल किशोर सोरेन, निर्मला हेम्ब्रम, प्रियंका मुर्मू, मारंगमय मुर्मू, बाहामुनि हेम्ब्रम, ताला कुड़ी बेसरा आदि उपस्थित थे।

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