केंद्र सरकार के पास झारखंड के संताल समाज की मांग को पूर्व मुख्यमंत्री ने पहुंचाया
दुमका: दिसोम मांझी थान, दुमका परिसर में 10 सितंबर 2026 को विभिन्न सामाजिक संगठनों, आदिवासी छात्र-छात्राओं और भाषा प्रेमियों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि एनसीईआरटी एवं अन्य संबंधित शैक्षणिक सामग्री को संताली भाषा की अपनी मौलिक ओलचिकी लिपि में प्रकाशित किया जाए।
उनके इस कदम को बैठक में ऐतिहासिक और सराहनीय बताया गया और इसके लिए समस्त संताल आदिवासी समाज की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को हार्दिक बधाई एवं जोहार प्रकट किया गया।
छात्र-छात्राओं ने कहा कि संताली भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल है। साथ ही इसकी अपनी वैज्ञानिक लिपि ओलचिकी है और इस ओलचिकी लिपि का यूनिकोड भी प्राप्त है। एनसीईआरटी की किताबें ओलचिकी में प्रकाशित होने से झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार सहित देशभर के लाखों संताली विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी और पंडित रघुनाथ मुर्मू का सपना साकार होगा।
इस मौके पर सुभाष किस्कू, सुनील हेम्ब्रम, सोनेलाल सोरेन, अर्जुन मुर्मू, जोसेफ टुडू, पकू हेम्ब्रम, सेलिना हांसदा, सुंदरी टुडू, निशा सोरेन, सिमोन मरांडी, साहेबराम किस्कू, अर्जुन टुडू, बिकास टुडू सहित कई समाजिक कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।