श्रीनगर/जम्मू : जम्मू कश्मीर मंगलवार से हो रही बेतहाशा बारिश से बाढ़, भूस्खलन व पक्की संरचनाओं के ध्वस्त होने के संकट का सामना कर रहा है। लगातार बारिश होने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अभी टला नहीं है। राज्य के विभिन्न जिलों में ऐहतियात बरती जा रही है और जिलाधिकारी खुद मौके पर जाकर हालात का जायजा ले रहे हैं व निगरानी की जा रही है। इस आपदा से बचने के लिए लोगों को सचेत किया जा रहा है और खतरे वाले इलाके से लोगों को निकाल कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वैष्णो देवी मांर्ग पर मंगलवार को हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने लोगों से अपील की हे कि वे मौसम अनुकूल होने पर ही अपनी यात्रा तय करें। बारिश से जम्मू के पीर खो और निक्की तवी जैसे इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। बारिश, बाढ़ व भूस्खलन के खतरे में मद्देनजर गुरुवार को स्कूलों व कॉलेजों को बंद रखने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू में बुधवार को क्षतिग्रस्त तवी पुल का मुआयना किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हालात के मद्देनजर बात की। हालांकि उन्होंने 2014 की बाढ व मौजूदा बाढ के मद्देनजर अपने सोशल मीडिया एकाउंट के जरिये सवाल भी उठाया।
उधर, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा स्थित एसएमवीडी नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का दौरा किया और पीड़ितों का हाल जाना। मंगलवार को माता वैष्णो देवी मंदिर में अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन की घटना घटी थी।

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिंन्हा वैष्णो देवी यात्रा के दौरान घायल हुए लोगों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे।
26 अगस्त सुबह साढे आठ बजे से 27 अगस्त सुबह साढे आठ बजे तक जम्मू में 296 एमएम बारिश दर्ज की गई और इस बारिश ने नौ अगस्त 2023 को इस क्षेत्र में हुई अबतक की सबसे अधिक बारिश 272.6 मिमी का रिकार्ड तोड़ दिया है।
कश्मीर घाटी में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर संभागीय आयुक्त,कश्मीर अंशुल गर्ग ने आज सुबह राम मुंशी बाग में झेलम नदी के जलस्तर का आकलन करने के लिए स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार बदलती स्थिति पर नज़र रख रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बाढ़ से संबंधित किसी भी संभावित चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक आकस्मिक योजनाएँ और प्रतिक्रिया तंत्र मौजूद हैं। लोगों से सतर्कता की अपील की गई है।
विभिन्न जिलों व कश्मीर संभाग का हाल
उधर, शोपियां के उपायुक्त शिशिर गुप्ता ने आज रंबियारा नदी के जमीनी हालात का जायज़ा लिया। शोपियां जिला प्रशासन उभरती स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है और जलस्तर पर नज़र रखने के लिए संवेदनशील निचले इलाकों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर, ज़ैनापोरा उपखंड प्रशासन द्वारा वंडुना में रहने वाले 10 खानाबदोश परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया।
कुलगाम के उपायुक्त अतहर आमिर खान ने जिले में लगातार बारिश से उत्पन्न जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए लाइसूए गुद्दरए चौगामए चंबागुंड और अन्य इलाकों का दौरा किया। डीसी ने कहा कि एहतियात के तौर पर संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है और कर्मचारी व मशीनरी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।आमिर ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और उनकी चिंताओं को सुना। उन्होंने सभी विभागों को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार के साथ आज डोडा.भद्रवाह मार्ग और जंगलवार ;थाथरी तथा खल्लेनी नाले पर राष्ट्रीय राजमार्ग – 244 का निरीक्षण किया और मूसलाधार बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया।

सांबा की उपायुक्त आयुषी सूदन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए।
इस दौरानए उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सड़कों को हुए नुकसान का जायजा लिया और जमीनी हालात की समीक्षा की। उन्होंने सड़क अवरोधों और संपर्क में व्यवधान के कारण यात्रियों और आम जनता को हो रही कठिनाइयों पर ध्यान दिया।
उपायुक्त ने एनएचआईडीसीएल और कार्यकारी अभियंता आरएंडबी विभाग को सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए भूस्खलन निकासी और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क बहाल करने और जनता को बिना किसी देरी के राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा ने आज रंजीत सागर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद रावी नदी में बढ़े जलस्तर से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए लखनपुर और भागथली औद्योगिक क्षेत्र का व्यापक दौरा किया। लखनपुर के दौरे के दौरान, उपायुक्त ने बताया कि पंजाब को जोड़ने वाले एक पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण अंतर.राज्यीय संपर्क प्रभावित हुआ है। हालाँकि, आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा के लिए दूसरे पुल पर यातायात अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है।
सांबा की उपायुक्त आयुषी सूदन ने आज जिले भर के बारिश से तबाह इलाकों का व्यापक निरीक्षण किया ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके, राहत कार्यों का निरीक्षण किया जा सके और प्रभावित लोगों को प्रशासन के अटूट सहयोग का आश्वासन दिया जा सके।सांबा के सामुदायिक भवन में, जहाँ लगातार बारिश से विस्थापित परिवारों को आश्रय दिया गया है, उपायुक्त ने सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को भोजन, आश्रय, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद, उन्होंने सांबा शहर, संगवाली मंडी और पुरमंडल का दौरा किया, जहाँ कई आवासीय घरों और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुँचा है।