उत्तर बिहार के कई इलाके में हर साल हजारों लोग बाढ़ और कटाव के कारण अपने…
Author: Rahul Singh
पश्चिम बंगाल सरकार आम मरीजों को नजरअंदाज कर स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर रही है: पीबीकेएमएस
16 अक्टूबर 2025 को पश्चिम बंगाल सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर आइपीजीएमइआर एंड एसएसकेएम हॉस्पिटल…
बिहार में पर्यावरणीय चुनौतियों के अनुकूल विकास की जरूरत, जनता को व्यापक बहस में हिस्सेदार बनाना होगा: प्रो पुष्पेंद्र
बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज है। फिलहाल सरकारी नौकरियां देने और बांग्लादेशी घुसपैठ को…
संस्कृति के संरक्षण की पहल: तेतरीडंगाल में आदिवासियों ने मंझी थान में साप्ताहिक बोंगा बुरु शुरू किया
संतालों ने साप्ताहिक पूजा शुरू कर अपने इष्ट देवता मरांग बुरू के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त…
मॉनसून 2025: 2,277 बार भारी बारिश, 1,528 लोगों की मौत
मॉनसून अब छोटा हुआ है, लेकिन ज़्यादा तीव्र हो गया है। पहले 60 दिन में फैलने…
बिहार में जलवायु अनुकूल खेती से भूख, गरीबी और कार्बन उत्सर्जन से लड़ना संभव
टाटा कार्नेल इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चर एंड न्यूट्रिशन ने बिहार में खेती को अधिक उत्पादक बनाने और…
जलवायु व प्रकृति आधारित लचीलापन में निवेश नौकरियों व नए बाजार को सृजित करने में सक्षम: रिपोर्ट
जब दुनिया जलवायु आपदाओं की बढ़ती लागत से जूझ रही है, उस बीच Systemiq और 20…
कार्बन बॉर्डर टैक्स: भारत के लिए राहत के संकेत, पर अनिश्चितता बरकरार
भारत ने CBAM का लगातार विरोध किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पहले कहा…
केंद्र का रुख ग्रामीण गरीबों के प्रति गहरा अनादर वाला: पीबीकेएमएस
केंद्र सरकार ने कलकत्ता हाइकोर्ट के राज्य में फिर से एक अगस्त 2025 से मनरेगा का…
पेरिस समझौते की उम्मीद अब भी जिंदा है, अगर कर लिए जाएं ये उपाय
क्लामेट सेंट्रल की वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टिना डाल कहती हैं, “पेरिस समझौते ने दिशा दिखाई है, लेकिन…