नेपाल के भोटेकोशी नदी में आयी भयंकर बाढ के बाद भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार व उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है। बिहार सरकार ने अपने सीमावर्ती व उत्तर बिहार के जिलों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है।
काठमांडू/नई दिल्ली : नेपाल में भोटेकोशी नदी मेें 26 अगस्त 2026 को आयी तेज बाढ से कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग लापता हैं। नेपाल पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, तनहुन, गोरखा और पूर्वी नवलपरासी से 55 शव बरामद किए हैं। नेपाल के कांतिपुर अखबार ने नेपाल पुलिस के हवाले से खबर दी है कि चितवन में 28, धाडिंग में 18, नुवाकोट में 11, गोरखा में नौ, तनहुना में चार और रसुवा तथा पूर्वी नवलपरासी में एक-एक शव बरामद हुए हैं।

नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक ट्वीट के माध्यम से बाढ के संबंध में कहा, प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण पर आधारित एक शुरुआती स्टडी से पता चलता है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बॉर्डर पर बर्फ और चट्टान के खिसकने के कारण ल्हेंडे नदी (Lhende River) में ग्लेशियर से जुड़ी बाढ़ आई।
रसुवा जिले में बाढ से प्रभावित स्थानीय इलाके को तीन महीने के लिए आपदा ग्रस्त घोषित किया गया है। रसुवा जिला तिब्बत की सीमा से लगा है, जहां आज भोटे कोशी नदी में भयानक बाढ आयी है। नेपाल कैबिनेट की हुई आपात बैठक में घायलों के मुफ्त इलाज का प्रबंध करने का निर्णय लिया गया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ के कारण जानमाल की हुई क्षति के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने दोहराया है कि नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता दिए जाने के लिए भारत तैयार है और भारतीय दल बचाव एवं राहत कार्य में नेपाल के अधिकारियों के साथ मिल कर काम कर रहा है।
वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने नेपाल में आयी बाढ के बाद बिहार व उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है। उन्होंने कहा है कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।
केन्द्रीय जल आयोग (CWC) की सलाह और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ / GLOF के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से लगभग 160 किमी दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इस बाढ़ का असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों में भी पड़ सकता है।
बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के पास रहने वाले स्थानीय भारतीय समुदायों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और अन्य सहायता देने जैसे कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों को सतर्क रहने और स्थिति पर कड़ी नज़र रखने की सलाह दी गई है।
गृह मंत्रालय के अधिकारी, विदेश मंत्रालय (MEA), जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। CWC के अनुसार, नेपाल की तरफ़ जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। घबराहट जैसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई है।
नेपाल के इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरें हैं और विदेश मंत्रालय/काठमांडू में भारतीय दूतावास ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं। मदद के लिए दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं।
वेदर मॉनिटर ने नेपाल में हुई त्रासदी का वीडियो पोस्ट किया है और लिखा है – नेपाल में आयी बाढ के हवाई फुटेज में तबाही का मंज़र दिखाई दे रहा है। कम से कम 97 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 देशों के 403 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 62 नेपाली नागरिक, 133 भारतीय, 47 अमेरिकी और 33 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं।