टाटा स्टील झारखंड में ग्रीन स्टील में करेगी 11,000 करोड़ रुपये का निवेश

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों दावोस की यात्रा पर हैं, जहां वे 19 से 23 जनवरी 2026 तक चलने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में ग्रीन स्टील, अर्बन ट्रांसपोर्ट सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग व निवेश की संभावनाएं तलाशी हैं।

रांची/दावोस/स्विट्ज़रलैंड : विश्व आर्थिक मंच (WEF) दावोस के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की टाटा स्टील के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में ग्रीन स्टील में निवेश के मुद्दे पर वार्ता हुई है। बैठक के दौरान टाटा स्टील ने झारखंड में न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी के तहत कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसको लेकर आशय पत्र एवं सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस निवेश के अंतर्गत हिरसाना ईज़ी एंड मेल्ट टेक्नोलॉजी में 7,000 करोड़ रुपये, कॉम्बी मिल परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये तथा टिनप्लेट विस्तार परियोजना में 2,600 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये सभी परियोजनाएं पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील तकनीक पर आधारित होंगी, जिनमें नीदरलैंड और जर्मनी की उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार टिकाऊ औद्योगिक विकास, स्वच्छ तकनीक और स्थानीय रोजगार सृजन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। टाटा स्टील के साथ यह साझेदारी राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ झारखंड को हरित औद्योगिक परिवर्तन का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह निवेश न केवल राज्य के खनिज-आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी और जलवायु-अनुकूल विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी गति प्रदान करेगा। हिताची कम्पनी ने विद्युत, उच्च स्तरीय ग्रिडिंग एवं उन्नत अवसंरचना हेतु निवेश पर अपना प्रस्ताव दिया है।

मुख्यमंत्री को वाइट बैच से किया गया सम्मानित, स्वीडन ने दिखाई रुचि

विश्व आर्थिक मंच द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को व्हाइट बैज प्रदान किया गया तथा मुख्यमंत्री की ओर से सहयोग का औपचारिक पत्र सौंपा गया। यह सहयोग डब्ल्यूइएफ के उत्कृष्टता केंद्रों के अनुरूप तीन प्रमुख विषयों पर आधारित है – क्रिटिकल मिनरल्स एवं नई ऊर्जा, तथा जलवायु और जैव विविधता संरक्षण। राज्य सरकार का विजन 2050 व्यापक रूप से डब्ल्यूइएफ की समावेशी समाज की अवधारणा के साथ पूर्णतः मेल खाती है। इस सहभागिता के माध्यम से सीख, ज्ञान-विनिमय और क्रियान्वयन आधारित सहयोग की दिशा में एक सार्थक और दीर्घकालिक साझेदारी की कोशिश की जाएगी। वहीं पिछले वर्ष झारखंड सरकार के स्वीडन के आधिकारिक यात्रा का प्रतिफल भी सामने आया है। स्वीडन ने अर्बन ट्रांसपोर्ट में निवेश को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया है। इसको लेकर स्वीडन और भारत के बीच अप्रैल में संभावित सहयोग और निवेश के लिए राउंड टेबल मीटिंग आयोजित किया जाएगा। 19 जनवरी 2026 की बैठक में मुख्यमंत्री की स्वीडन की उन कंपनियों से भी मुलाकात हुई, जिनसे स्वीडन की यात्रा के दौरान पिछले वर्ष बातचीत हुई थी।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा के दौरान वर्ल्ड विमन लीडर्स फ़ोरम के प्रतिनिधियों से हुई मुलाक़ात में महिला राजनीतिक नेतृत्व को सशक्त बनाने, विशेषकर हाशिये पर रहने वाले वर्गों से आने वाली महिलाओं के लिए झारखंड सरकार के साथ एक सहयोगात्मक ढांचा स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की गयी। साथ ही, भारत चौप्टर की स्थापना तथा सभी राजनीतिक दलों की महिला प्रतिनिधियों के लिए एक साझा और गैर-दलीय मंच के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें संवाद, क्षमता निर्माण और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, स्वीडन इंडिया बिज़नेस काउंसिल की चीफ इंडिया रिप्रेज़ेंटेटिव सेसिलिया ओल्डने, वुमन पॉलिटिकल लीडर्स फोरम की अध्यक्ष सिलवाना कोच-मेहरिन, विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूइएफ) से विराज मेहता, हिताची इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख भारत कौशल, एवं टेक महिंद्रा के आईएमईए डिवीजन के प्रमुख एवं अध्यक्ष साहिल धवन बैठक में शामिल हुए।

Leave a Reply