पैंगोलिन पृथ्वी पर सबसे विशिष्ट स्तनधारियों में से एक और सबसे असाधारण जीवों में से एक है, जो आज शोषण और आवास के नुकसान के कारण भारी दबाव में हैं। 2016 से 2024 के बीच 75 देशों और 178 व्यापार मार्गों से पैंगोलिन उत्पादों की जब्ती में अनुमानित पाँच लाख से अधिक पैंगोलिन शामिल होने का अनुमान है।
सीआइटीएस सचिवालय (Secretariat of the Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora – CITES/हिंदी अर्थ – वनजीव और वनस्पति की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन के सचिवालय) द्वारा जारी और आइयूसीएन (International Union for Conservation of Nature – IUCN/हिंदी अर्थ – प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ) द्वारा तैयार एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सभी आठ मान्यता प्राप्त पैंगोलिन प्रजातियां विलुप्त होने के उच्च जोखिम में हैं।
कंजरवेजशन स्टेटस, ट्रेड एंड इनफोर्समेंट इफोर्ट फॉर पैंगोलिन ( “Conservation Status, Trade and Enforcement Efforts for Pangolins” )नामक रिपोर्ट आइयूसीएन स्पेसिज सर्वाइवल कमीशन ग्रुप ने सीआइटीएस सचिवालय के लिए तैयार की है।
यह रिपोर्ट पैंगोलिन के अवैध व्यापार और वर्तमान संरक्षण प्रयासों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। साथ ही यह वर्तमान जनसंख्या अनुमानों, स्थल और राष्ट्रीय स्तर के हस्तक्षेपों और विशेष रूप से स्थानीय समुदायों और मूल निवासियों के सहयोग से मजबूत लक्षित संरक्षण कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है। रिपोर्ट यह बताती है कि साक्ष्य आधारित निर्णय लेने और संरक्षण कार्रवाई को निर्देशित करने के लिए अधिक व्यापक और सुसंगत आंकड़ों की सख्त आवश्यकता है।
पैंगोलिन पृथ्वी पर सबसे विशिष्ट स्तनधारियों में से एक और सबसे असाधारण जीवों में से एक है, जो आज शोषण और आवास के नुकसान के कारण भारी दबाव में हैं। आइयूसीएन के महानिदेशक डॉ ग्रेथेल अगुलियार ने कहा है, “इस जीव का संरक्षण केवल एक प्रजाति को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि हमारे पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन और प्रकृति के आश्चर्य की रक्षा से भी संबंधित है। मज़बूत वैश्विक सहयोग और एकजुट प्रतिबद्धता के साथ न केवल सरकारों द्वारा, बल्कि समाज के सभी क्षेत्रों द्वारा हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पैंगोलिन फलते-फूलते रहें”।
पैंगोलिन को परिशिष्ट I में स्थानांतरित किए जाने के बाद से इसके वैध व्यापार में भारी कमी आयी बावजूद इसकी तस्करी व्यापक और अत्यधिक संगठित बनी हुई है। 2016 से 2024 के बीच, 75 देशों और 178 व्यापार मार्गों से पैंगोलिन उत्पादों की जब्ती में अनुमानित पाँच लाख से अधिक पैंगोलिन शामिल थे। जब्त किए गए भागों में 99% पैंगोलिन के शल्क थे।

Photo Credit – Zeeshan-Merchant.
अंतरराष्ट्रीय तस्करी के अलावा, अधिकांश सीमावर्ती देशों में पैंगोलिन के मांस और अन्य उत्पादों की स्थानीय मांग बनी हुई है। लगभग सभी देशों में पैंगोलिन को संरक्षित प्रजाति माना जाता है, जो उन्हें सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इसके निरंतर उपयोग से पता चलता है कि पैंगोलिन के लिए खतरे को कम करने के लिए केवल नीतिगत उपाय ही अपर्याप्त हैं। रिपोर्ट में CITES दलों और अन्य हितधारकों के लिए पैंगोलिन आपूर्ति श्रृंखलाओं के विभिन्न पक्षों को शामिल करने, और पैंगोलिन रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में स्थानीय समुदायों और मूल निवासियों के साथ अधिक निकटता से सहयोग करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है ताकि प्रभावी संरक्षण उपायों की पहचान और कार्यान्वयन किया जा सके।
पैंगोलिन विशेषज्ञ समूह के सह अध्यक्ष और रिपोर्ट के सह लेखकों में से एक डॉ मैथ्यू शर्ली ने कहा, “पैंगोलिन की निरंतर तस्करी और जनसंख्या में गिरावट इस बात को रेखांकित करती है कि केवल व्यापार प्रतिबंध और नीतिगत परिवर्तन ही पर्याप्त नहीं हैं। सीआइटीइएस को अब प्रभावी पैंगोलिन संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए प्रासंगिक स्थानीय और राष्ट्रीय हितधारक विशेष रूप से जमीनी स्तर, समुदाय और स्वदेशी संगठनों के साथ मिलकर काम करना चाहिए”।
यह रिपोर्ट अबू धाबी में होने वाले आइयूसीएन विश्व संरक्षण कांग्रेस नौ से 15 अक्टूबर से डेढ महीेने पहले आई है। यह कांग्रेस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे समावेशी प्रकृति संरक्षण मंचों में से एक है।