गुजरात: लो-टाइड में फंसी दो डॉल्फिन, लोगों ने ऐसे उन्हें सुरक्षित समुद्र में पहुंचाया

गुजरात के भरूच जिले के दहेज में जेटी पर काम कर रहे कर्मियों ने लो टाइड की वजह से कम पानी में फंसी दो डॉल्फिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया। स्थानीय कर्मियों के द्वारा इस संकटग्रस्त प्रजाति की जान बचाने के लिए किए गए प्रयास की सराहना हो रही है।

दहेज/भरूच (गुजरात) : गुजरात के भरूच जिले में खंभात की खाड़ी के तट पर लो टाइड में फंस गयी दो डॉल्फिन की सोमवार, नौ मार्च 2026 को सुरक्षित समुद्र में वापसी की गई। इस कवायद से दोनों डॉल्फिन की जिंदगी बच गई और इससेइस संकटग्रस्त प्रजाति के संरक्षण का एक ठोस संदेश भी लोगों में गया।

डॉल्फिन का रेस्क्यू करते समुद्र तट पर काम कर रहे स्थानीय कर्मचारी।

ऑल भरूच डिस्ट्रिक्ट फिशरमैन सोसाइटी के अध्यक्ष अध्यक्ष कमलेश एस मढीवाला ने क्लाइमेट ईस्ट को बताया कि यह घटना नौ मार्च 2026 को दिन के 11 बजे की है। उन्होंने बताया कि सुबह लो टाइड में दो डॉल्फिन एक छोटी-सी खाड़ी में फंस गयी। पानी कम हो गया तो वे वापस समुद्र में जा नहीं पा रही थीं। ऐसे में उनका जीवन संकट में पड़ सकता था।

इसी दौरान दहेज में स्थित बिड़ला कॉपर के जेटी पर काम कर रहे बोट मोटर लांच के श्रमिकों ने दोनों डॉल्फिन को देखा। बोट कर्मचारी शब्बीरभाई सोढा ने रमजान का महीना होने की वजह से रोजा रखा है, लेकिन वे मुश्किल से घटनास्थल तक पहुंचे और और दोनों डॉल्फिन को रेस्क्यू किया और उन्हें समुद्र के पानी तक पहुंचाया।

डॉल्फिन लो टाइड की वजह से एक छोटी-खाड़ी में फंस गयीं और वापस समुद्र में नहीं जा रही थीं, उनकी ऐसी स्थिति देख स्थानीय कर्मी उनका रेस्क्यू करने आए और मुश्किल जगह पर पहुंच कर उन्हें वापस समुद्र में पहुंचाया।

शब्बीर भाई के इस प्रयास की सभी लोगों ने सराहना की और खुशी जतायी। जानकारों का कहना है कि दहेज में समुद्र तट पर काम करने सभी बोट क्रू तटीय पर्यावरण व समुद्री जीवों की सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्क रहते हैं। वे जरूरत पड़ने पर बिना किसी स्वार्थ के निजी हितों से ऊपर जाकर अपनी सेवा देते हैं।

यहां यह उल्लेखनीय है कि गंगा व उसकी सहायक नदियों में गंगेटिक डॉल्फिन (Platanista gangetica) पायी जाती है, जबकि खंभात की खाड़ी में हंपबैक डॉल्फिन (Sousa plumbea) पायी जाती है। वर्ष 2024 में आयी एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि गुजरात में खंभात की खाड़ी में दो सालों में डॉल्फिन की संख्या में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई और गणना में 2022 के 221 की तुलना में 678 डॉल्फिन यहां दर्ज किए गए।

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