सिदो-कान्हू विश्वविद्यालय में राजमहल मॉडल कॉलेज सौर ऊजा संचालित पहला संस्थान बना


महाविद्यालय में कई अन्य पहल की गई है, यहां राजमहल पहाड़ी फॉसिल संग्रहालय की स्थापना भी हुई है


राजमहल (साहिबगंज) :
सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के एक प्रमुख अंगीभूत कॉलेज, मॉडल कॉलेज, राजमहल ने अपने परिसर में एक नए युग की शुरुआत की है। यह सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का पहला कॉलेज बन गया है जो पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। कॉलेज में हुई इस पहल से न सिर्फ जीवाष्म ईंधन पर इसकी निर्भरता खत्म होगी, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत सौर ऊर्जा से संचालित होने पर यह अन्य संस्थानों के लिए भी एक मॉडल और प्रेरक बनेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों में एक संदेश जाएगा।)

वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत को अपनाने के साथ ही कॉलेज प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उद्देश्य से वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत परिसर में पांच नए पेड़ लगाए गए, जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देंगे।

इसके साथ ही छात्र-छात्राओं और युवाओं की फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए एक मॉडर्न ओपन जिम की शुरुआत भी की गई है। इस जिम में अत्याधुनिक फिटनेस उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें और एक ऊर्जावान जीवनशैली अपना सकें।

तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करते हुए कॉलेज में फ्री वाई-फाई सुविधा शुरू की गई, जिससे छात्र-छात्राएं बिना किसी बाधा के ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे। साथ ही, एक उन्नत कंप्यूटर लैब का उद्घाटन भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।

महिला सशक्तीकरण की नई पहल: मदर केयर सेंटर का शुभारंभ

महिला छात्राओं की जरूरतों को समझते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह के प्रयास से मदर केयर सेंटर की स्थापना की गई। यह केंद्र खासतौर पर उन छात्राओं के लिए बनाया गया है, जो मातृत्व के दौरान अपने शिशुओं को सहजता से स्तनपान करा सकेंगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

कुलपति बिमल प्रसाद सिंह से चर्चा करते प्राचार्य डॉ रणजीत सिंह।।

राजमहल पहाड़ी फॉसिल संग्रहालय की स्थापना

प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में राजमहल पहाड़ी फॉसिल संग्रहालय की स्थापना भी की गई है। यह संग्रहालय क्षेत्र की भूगर्भीय विशेषताओं और प्राचीन जीवाश्मों के बारे में जानकारी प्रदान करेगा, जिससे छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा।

समारोह में अतिथियों ने छात्रों को किया प्रेरित

इस ऐतिहासिक अवसर पर सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के कुलपति प्रो.(डॉ.) बिमल प्रसाद सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव डॉ राजीव कुमार, डीएफओ प्रबल गर्ग और राजमहल एसडीओ उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। प्राचार्य ने स्वागत उद्बोधन किया और सभी अतिथियों को शाल और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। कुलपति ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और छात्रों को उपस्थिति के लिए प्रेरित किया। वहीं, कुलसचिव ने इस महाविद्यालय के क्रमिक विकास की चर्चा की।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते कुलपति बिमल प्रसाद सिंह।

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