समुद्र में मैकेनाइज जहाजों से मछली पकड़ने की प्रतिबंध अवधि को 180 दिन करे केंद्र सरकार


पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि अनियंत्रित ढंग से मैकेनाइज जलयान से मछली पकड़ने से छोटे मछुआरों की आजीविका और परंपरागत जीवन पद्धति और हमारे देश के तटवर्ती इलाके व समुद्र की जैव विविधता को नुकसान हो रहा है।

कोलकाता: पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि समुद्र में मैकेनाइज वेसल्स से मछली पकड़ने की प्रतिबंध अवधि को दोगुना कर दिया जाए, ताकि छोटे व सीमांत मछुआरों के हितों की रक्षा हो सके और समुद्र की पारिस्थितिकी बची रहे। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के सचिव (मत्स्यपालन) को 19 मार्च 2025 को लिखे पत्र में पूरब मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम के सचिव देवाशीष श्यामल ने कहा है कि भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में मैकेनाइज वेसल्स (मशीन वाले जहाजों या जलयान) से मछली पकड़ने की प्रतिबंध अवधि जो वर्तमान में 61 दिन है, उसे और 120 दिन बढा दिया जाए। यानी मौजूदा दो महीने की अवधि के साथ इसमें 120 दिन अतिरिक्त जोड़ा जाए। देश में इस वक्त 15 अप्रैल से 14 जून तक 61 दिन या दो महीने के लिए समुद्र से मछली पकड़ने पर रोक रहता है।

मैकेनाइज व ट्रॉल फिशिंग से छोटी मत्स्य संपदा का काफी अधिक नुकसान होता है। यह दृश्य दक्षिण 24 परगना जिले में नामखाना के पास के एक फिश हार्बर का है। Photo Credit – Rahul Singh/Climate East

पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम ने कहा है कि इस तरह अनियंत्रित ढंग से मछली पकड़ने से वैसे मछुआरों की आजीविका को नुकसान होता है जो परंपरागत रूप से मछली पकड़ कर अपनी आजीविका चलाते हैं और समुद्र की पारिस्थितिकी और मछलियों की उपलब्धता पर निर्भर हैं।

देवाशीष श्यामल ने अपने पत्र में कहा है कि छोटे मछुआरों के एक जिम्मेवार संगठन होने की वजह से एक दीर्घाकालिक व वहनीय मत्स्यीकी (sustainable fishing) की अपनी बात को दोहराते हैं जो हमारे तटीय क्षेत्र और समुद्र की जैवविविधता के हित में हो। पत्र में कहा गया है कि हम मछुआरों की परंपरागत जीवन पद्धति को अनियंत्रित ढंग से मैकेनाइज वेसल्स से मछली पकड़ने से काफी नुकसान हुआ है। पत्र के साथ इसी विषय पर 2019 में लिखे पत्र की प्रति भी भेजी गई है, जिसमें ट्रोल फिशिंग पर रोक सहित कई मांगें भी शामिल हैं।

केरल में ट्रॉल फिशिंग में उपयोग होने वाले मैकेनाइज बोट। Photo Credit – https://www.thenewsminute.com/kerala/52-day-trawling-ban-kerala-be-place-june-9-150383

पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े मछुआरा संगठन दक्षिण बंग मत्स्यजीवी फोरम की एक इकाई है। दक्षिण बंग मत्स्यजीवी फोरम छोटे मछुआरों के राष्ट्रीय संगठन स्मॉल स्केल फिश वर्कर से संबद्ध है।

पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम ने 2019 में केंद्र सरकार को पत्र लिख कर सरकार के उस फैसले का स्वागत किया था, जिसके तहत मछली पकड़ने पर प्रतिबंध अवधि की समीक्षा के लिए एक टेक्निकल कमेटी बनायी गई थी। साथ ही उस समय भी यह सुझाव दिया था कि मैकेनाइज तरीके से समुद्र की पारिस्थितिकी के हित में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध अवधि को बढाने की मांग की थी। इसके साथ ही सरकार को कई सुझाव भी दिए गए थे, जिसमें ट्रॉल से बॉटम फिशिंग को रोकने, बुल ट्रॉलिंग व हानिकारक पद्धतियों पर रोक, विस्फोटक के उपयोग पर रोक, सात सिलिंडर या उससे अधिक क्षमता के सभी बोट के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने, मछली पकड़ने के प्रयासों व मत्स्य संपदा में तालमेल बैठाने, छोटे मछुआरों को मछली पकड़ने के काम को अधिक सहज बनाने की स्थितियां बनाने जैसी मांगें शामिल थीं।

जरूर पढें दक्षिण बंग मत्स्यजीवी फोरम के महासचिव मिलन दास का यह विशेष लेख –

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