सिक्किम में पर्यावरण की त्रासदी से लेप्चा समुदाय की संस्कृति के सामने चुनौतियां क्यों हैं?

मयल्मित लेप्चा जोंगू क्षेत्र सिक्किम के उत्तरी जिले में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान के बाहरी इलाके में…

समुद्र में मैकेनाइज जहाजों से मछली पकड़ने की प्रतिबंध अवधि को 180 दिन करे केंद्र सरकार

पूर्वी मेदिनीपुर मत्स्यजीवी फोरम ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि अनियंत्रित ढंग…

झरिया: नीचे मुहल्ला की पानी वाली ऊँची महिलाओं की जिद और जुनून की कहानी

झरिया की एक बस्ती की महिलाओं ने पानी की दिक्कतों और दूसरे मुहल्ले से लाने के…

नदियों को आजीविका और संस्कृति के लिए बचाना जरूरी : एसपी तिवारी

पश्चिम बंग मत्स्यजीवी यूनियन की वार्षिक सभा में मछुआरा समुदाय के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा, मत्स्यजीवी…

तिस्ता-III परियोजना पर वैज्ञानिक पुनर्मूल्यांकन और लोकतांत्रिक निर्णय की माँग

तिस्ता एक अनोखी ग्लेशियर-निर्मित नदी है जो सिक्किम के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध इलाकों…

केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना का विरोध क्यों कर रहे हैं पन्ना के आदिवासी?

सतीश भारतीय मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में लोग केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना का विरोध कर रहे…

मछुआरा समुदाय के अधिकारों के लिए फ्रेजरगंज से फरक्का तक एक महीने लंबी गंगा यात्रा

दक्षिण बंग मत्स्यजीवी फोरम की पहल पर गंगा नदी के अपस्ट्रीम में 500 किमी लंबी यात्रा…

लालच और सत्ता के दुरुपयोग से संकट के कगार पर पहुंचे सुंदरबन के मछुआरे

मिलन दास सुंदरबन पूंजीवाद का शिकार हो गया है। पर्यटन कारोबार के बेलगाम होने से इस…

कोशी: दो तटबंधों के भीतर हम डूब रहे हैं और सरकार को सिर्फ तटबंध की फिक्र है

राजेश कुमार मंडल हम कोशी नदी के बीच के निवासी हैं। हम तीसरी पीढ़ी हैं जो…

फोकस के बाहर कोशी दियारा का जनजीवन, समस्या सुलझाने के लिए संवेदनशीलता जरूरी

राहुल यादुका तटबंध सिर्फ नदियों को नहीं बांधते। तटबंध केवल स्पेस को खण्डित नहीं करते। तटबंध…