उत्तर बंगाल के कई चाय बागान मजदूरों का कई पखवाड़े से वेतन बकाया, सड़क पर उतरने को हुए मजबूर


अलीपुरद्वार: उत्तर बंगाल के कई चाय बागान मजूदरों का वेतन कुछ पखवाड़े से बाकी है। अलीपुरद्वार जिले के मदारीहाट ब्लॉक के गारगेंडा चाय बागान के मजदूरों का छह पखवाड़े यानी तीन महीने से वेतन बकाया है। यहां के मजदूर वेतन भुगतान की मांग को लेकर 24 मार्च को सड़कों पर उतरें, जिनमें बड़ी संख्या में महिल चाय बागान मजदूर शामिल थीं।

प्रबंधन की वित्तीय लापरवाही से नाराज मजदूर जब सड़क पर आंदोलन के लिए उतरे तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें आधे रास्ते में रोक दिया। इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे पश्चिम बंग चा मजूर समिति के प्रतिनिधि व केंद्रीय समिति सदस्य विनय केरकेट्टा ने कहा कि गेरगेंडा, तुलसीहंटा सभी बागानों में एक ही परिस्थिति है। उन्होने कहा कि गेरगेंडा के चाय मजदूर यहां आज रोड ब्लॉक के लिए आए हैं और उन्हें समर्थन देने के लिए हम यहां सेंट्रल कमेटी से आए हैं।

विनय केरकेट्टा ने कहा कि यहां हमने यह देखा कि यहां मजदूर काफी समस्या में हैं। उन्होंने कहा कि इनको इतने दिनों से वेतन नहीं मिला है और ये किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन कोई भी यूनियन वाला, पार्टी वाला इनको समर्थन देने आगे नहीं आया है। यह दुःख की बात है। उन्होंने कहा कि आसपास के जितने भी चाय बागान के मजदूर हैं, चाहे वह तुलसीपाड़ा हो, हंटापाड़ा हो उनके मजदूरों को मिल कर आंदोलन करना चाहिए।

चाय बागान की महिला मजदूरों ने इस दौरान कहा कि हमारा तीन महीने से वेतन बकाया है और हम अपने वेतन की मांग को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हुए हैं।

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डिमडिमा चाय बागान के मजदूरों के साथ बैठक का दृश्य। इस बागान के मजदूरों का भी तीन पखवाड़े से वेतन बकाया है।

वहीं, मदारीहाट ब्लॉक के डिमडिमा चाय बागान के मजदूरों का भी तीन पखवाड़े से वेतन बकाया है। साथ ही स्टाफ व सब स्टाफ का भी एक महीने से वेतन बकाया है। यहां के मजदूर भी वेतन की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। 23 तारीख को यहां के मजदूरों के साथ पश्चिम बंग चा मजूर समिति ने एक बैठक भी की, जिसमें केंद्रीय समिति सदस्य अनुराधा तलवार, उपाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह, केंद्रीय समिति सदस्य विनय केरकेट्टा, महेशा खाखा आदि शामिल हुए।

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