झारखंड के साहिबगंज में 12 दिन में पांच पहाड़िया बच्चों की रहस्यमय बीमारी से मौत

साहिबगंज: झारखंड के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित जिले साहिबगंज के एक ही गांव नगरभिठ्ठा में 12 दिनों में पांच पहाड़िया बच्चों की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। यह गांव पहाड़ पर बसा है और घटना की सूचना एक दिन पहले मिली है। बच्चों की मौत की वजह अबतक स्पष्ट नहीं हो सकी है और जिले के सिविल सर्जन डॉ प्रवीण कुमार संथालिया ने कहा है कि रक्त नमूने की जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा। मालूम हो कि पहाड़िया समुदाय आदिम जनजाति वर्ग में आता है। मूलतः पहाड़ पर रहने वाले इस आदिम जनजाति वर्ग की जनसंख्या को लेकर भी हमेशा चिंता व्यक्त की जाती रही है।

झारखंड में प्रमुख रूप से साहिबगंज, पाकुड़, दुमका व गोड्डा जिले में पहाड़िया आदिम जनजाति पायी जाती है। इन्हें संकटग्रस्त जनजाति की श्रेणी में रखा गया है।

स्थानीय अखबार प्रभात खबर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, साहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड की बसहा पंचायत के नगरभिठ्ठा पहाड़ पर बच्चों की मौत हुई है। जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके नाम हैं – एतवारी पहाड़न (दो वर्ष) पिता का नाम – बिजू पहाड़िया; बेपर पहाड़िया (छह वर्ष) पिता का नाम – गोली पहाड़िया; जीता पहाड़न (दो वर्ष) पिता का नाम – चांदू पहाड़िया; विकास पहाड़िया (छह वर्ष) पिता आसना पहाड़िया; सजनी पहाड़न (दो वर्ष) पिता का नाम – सोमरा पहाड़िया।

गांव के प्रधान मैसा पहाड़िया के अनुसार, ऐसी बीमारी गांव में पहले कभी नहीं दिखी। ग्रामीणों के अनुसार, इस बीमारी में बच्चों की आंखें पहले पीली हो जाती हैं, फिर सर्दी, खांसी, सिर दर्द और तेज बुखार की शिकायत होती है। बीमार बच्चों में पांच की मौत हो गई है, जिससे गांव के घरों में मातम पसरा हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को भेज कर गांव के सभी लोगों के रक्त नमूने लिए गए हैं। रक्त नमूनों को जांच के लिए धनबाद भेजा जाएगा जहां से रिपोट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों के बीच ओरआरएस व सर्दी-खांसी व बुखार की दवाओं का भी वितरण किया गया है। यहां रहने वाले 24 पहाड़िया परिवार मजदूरी और खेती से आजीविका चलाते हैं। गांव में स्वच्छ पेयजल की दिक्कत है, लोग कुएं व झरने की पानी पीते हैं।

गांव में हालात गंभीर होने के बाद रविवार, 23 मार्च को कुछ ग्रामीण पहाड़ से नीचे घटियारी गांव पहुंचे तब स्वास्थ्य विभाग को हालात की जानकारी मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ।

मालूम हो साहिबगंज जिले मे कई बीमारियों के लोग शिकार होते रहे हैं। यहां टीबी के अलावा कालाजार के मामले भी मिलते हैं। जिले में हाल में 360 टीबी मरीजों की पहचान की गई है और 2900 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले में वर्ष 2023 में 20 गांवों में 10 और 2024 में 15 गांवों में 10 कालाजार मरीज मिले। इसके अलावा मलेरिया के मरीज भी यहां मिलते हैं।

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